उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना क्या है? Uttarakhand CM Mahalaxmi Kit Scheme

हमारे देश में बहुत से लोग ऐसे हैं, जो बालिकाओं को पर्याप्त महत्व नहीं देते। कई बार वे अपनी आर्थिक स्थिति की वजह से उनका ठीक से पोषण नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उत्तराखंड सरकार द्वारा बालिका शिशु के जन्म के पश्चात उसके पोषण एवं हाईजीन के लिए के लिए मां और शिशु को महालक्ष्मी किट प्रदान करने की योजना शुरू की गई थी।

हाल ही में इस योजना में कुछ बदलाव किया गया है। यह उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना क्या है? इस योजना में क्या नया प्रावधान जोड़ा गया है? इस संबंध में आज हम इस पोस्ट में आपको विस्तार से जानकारी देंगे। आइए, शुरू करते हैं-

Table of Contents

उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना क्या है? (What is Uttarakhand CM Mahalaxmi Kit Scheme?)

दोस्तों, आपको बता दें कि उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना को उत्तराखंड की भाजपा नीत पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) सरकार द्वारा आज से करीब तीन वर्ष पूर्व सन् 2021 में प्रारंभ किया गया था।‌ इस योजना के अंतर्गत राज्य की महिलाओं को शिशु के जन्म के समय महालक्ष्मी किट प्रदान की जाती है।

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उत्तराखंड महालक्ष्मी किट योजना
योजना का नाम UK Mukhyamantri Mahalaxmi Yojana
विभाग  महिला एवं बाल विकास विभाग
योजना लाभ स्तर  राज्य स्तरीय
राज्य  उत्तराखंड
उद्देश्य  गरीब और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को गर्भावस्था के दौरन सही पोषण व स्वाथ्य सेवा पहुँचाना।
लाभार्थी वर्ग  राज्य की ग्रामीण क्षेत्र की गरीब महिलाएं।
आवेदन करने का तरीका  ऑनलाइन/ऑफलाइन
हेल्पलाइन नंबर अघोषित
वेबसाइट जल्द जारी होगी

उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना को शुरू करने के पीछे क्या मकसद है? (What is the objective behind starting Uttarakhand CM Mahalaxmi kit scheme?)

दोस्तों, अब आप पूछेंगे कि इस योजना को शुरू करने के पीछे क्या उद्देश्य है? तो आपको बता दें कि उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना को केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को आगे बढ़ाने के क्रम में शुरू किया गया। यह तो आप जानते ही हैं कि बालक- बालिका लिंगानुपात ठीक नहीं है। इसे संतुलित करने पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसके साथ ही बालिकाएं अभिभावकों की आर्थिक स्थिति अथवा किसी अन्य कारण से कुपोषण की शिकार ना हों, इसे देखते हुए उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना शुरू की गई थी, ताकि प्रदेश की महिलाओं एवं बालिका शिशु को कुपोषण से दूर रखा जा सके।

महालक्ष्मी किट में क्या क्या होता है? (What is there in a mahalaxmi kit?)

दोस्तों, आपको बता दें कि मां और शिशु को अलग-अलग महालक्ष्मी किट दी जाती है। इस किट में नवजात शिशु के साथ ही शिशु की मां के पोषण एवं स्वच्छता से संबंधित सामग्री होती है, जो कि इस प्रकार से है

मां के लिए महालक्ष्मी किट:

  • बादाम – 250 ग्राम
  • छुआरे – 500 ग्राम
  • बेडशीट (तकिया कवर के साथ) – 2
  • गरम शॉल – 1
  • जुराबें – 2 जोड़ी
  • तौलिया – 1
  • सैनिटरी नैपकिन – 2 पैकेट
  • नहाने के साबुन – 4
  • कपडे धोने के साबुन – 4
  • सरसों का तेल – आधा लीटर
  • नेल कटर – 1
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शिशु के लिए महालक्ष्मी किट :

  • बेबी ब्लैंकेट – 1
  • गर्म कपड़े -2 जोड़ी
  • गर्म टोपी और जुराब
  • तौलिया – 2
  • बेबी साबुन – 3
  • बेबी ऑयल – 1
  • बेबी पाउडर – 1
  • बेबी क्रीम – 1
  • रबर शीट – 1
  • बेबी डायपर – 10 पीस
  • कॉटन नैपकिन – 12 पीस

प्रदेश की किन महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलता है? (Which women of state get the benefit of this scheme?)

दोस्तों, आपको बता दे कि प्रदेश की सभी शिशु को जन्म देने वाली महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिलता है। इस योजना की लाभार्थी अथवा पात्र (eligible) केवल वही महिलाएं हो सकती हैं, जो उत्तराखंड (uttarakhand) की निवासी हैं एवं जिनकी पारिवारिक मासिक आय (monthly family income) 6,000/- रुपये से कम है।

उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना में क्या नया प्रावधान जोड़ा गया है? (What new provision has been added in Uttarakhand CM Mahalaxmi kit scheme?)

दोस्तों, अब आते हैं मुख्य बात पर और आपको बताते हैं कि उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना में क्या नया प्रावधान जोड़ा गया है। दोस्तों, आपको बता दें कि जब इस योजना की शुरुआत हुई थी तो उस समय यह एक जेंडर बेस यानी लिंग आधारित स्कीम थी।

इस योजना का लाभ केवल महिला एवं उसकी बालिका शिशु के लिए था। लेकिन अब इस योजना में नए प्रावधान के तहत बालकों को भी शामिल किया गया है। इसका जेंडर स्टेटस खत्म कर दिया गया है। इसका अर्थ यह है कि यदि अब किसी महिला का लड़का होता है तो भी वह महालक्ष्मी किट पाने की हकदार होगी।

यदि किसी महिला को जुड़वा शिशु होते हैं तो ऐसी स्थिति में क्या किया जाएगा? (What if a woman gives birth to twins?)

दोस्तों, यह तो हम आपको बता ही चुके हैं कि उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को शिशु के जन्म के उपरांत महालक्ष्मी किट प्रदान की जाती है। लेकिन क्या होगा यदि महिला द्वारा जुड़वा शिष्यों को जन्म दिया जाता है तो? दोस्तों, आपको बताते की योजना में इस स्थिति के लिए भी प्रावधान किया गया है। ऐसी स्थिति में संबंधित महिला को एक किट एवं शिशुओं की दो अलग-अलग किट प्रदान की जाएंगी।

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उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्राप्त करने के लिए क्या शर्तें हैं? (What are the conditions to get Uttarakhand CM Mahalaxmi kit?)

दोस्तों, अब आपको बताते हैं कि उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्राप्त करने के लिए सरकार द्वारा क्या-क्या शर्तें निर्धारित की गई हैं। ये इस प्रकार से हैं-

  • लाभार्थी महिला उत्तराखंड की निवासी हो।
  • लाभार्थी महिला की आयु 18 वर्ष अथवा इससे अधिक हो।
  • इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित महिला की मासिक पारिवारिक आय ₹6000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • महिला द्वारा इस योजना का लाभ केवल 2 शिशुओं के जन्म तक ही लिया जा सकता है।
  • महालक्ष्मी किट के लिए शिशु के जन्म से 6 माह के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है।

उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के तहत आवेदन की क्या प्रक्रिया है? (What is the process to apply for Uttarakhand CM Mahalaxmi kit scheme?)

यदि आप अथवा आपका कोई परिचित इस योजना का लाभ उठाना चाहता है तो आपको इसके लिए आवेदन करना होगा। अब हम आपको संबंधित आवेदन प्रक्रिया (application process) के बारे में बताएंगे, जो कि बेहद सरल सी है। आपको बस यह कदम उठान होंगे –

  • सबसे पहले अपने समीपवर्ती आंगनबाड़ी केंद्र (aanganbadi centre) में संपर्क करें।
  • यहां आशा (ASHA) कार्यकर्ता से उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना का आवेदन पत्र (application form) लें।
  • इसमें पूछी गई सारी जानकारी (details) सही-सही भरें।
  • इसके बाद इसमें मांगे गए सभी दस्तावेज अटैच (documents attach) कर दें।
  • संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र की सुपरवाइजर (supervisor) इस आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर करेंगी।
  • इसके पश्चात आशा द्वारा संबंधित आवेदन पत्र को महिला अधिकारिता एवं बाल विकास विभाग में जमा कर दिया जाएगा।
  • यहां आवेदन पत्र एवं सभी दस्तावेजों के सत्यापन (documents verification) के पश्चात विभाग के अधिकारी पात्र महिलाओं (eligibility beneficiaries) की सूची तैयार करेंगे।
  • इसके बाद इन महिलाओं को महालक्ष्मी किट प्रदान कर दी जाएगी।

उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना में आवेदन के लिए दस्तावेज आवश्यक हैं? (What documents are required to apply for Uttarakhand CM Mahalaxmi kit scheme?

दोस्तों, अभी हमने आपको ऊपर बताया कि लाभार्थी महिला को इस योजना के तहत आवेदन के लिए आवेदन पत्र (application form) के साथ कुछ दस्तावेज (documents) आवश्यक रूप से अटैच करने होंगे। ये दस्तावेज इस प्रकार से हैं-

  • उत्तराखंड निवास का प्रमाण।
  • लाभार्थी महिला का आधार कार्ड।
  • लाभार्थी महिला का संस्थागत प्रसव प्रमाण पत्र।
  • आशा वर्कर द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
  • परिवार रजिस्टर की प्रति।
  • आयकरदाता ना होने का प्रमाण पत्र।
  • आवेदक का मोबाइल नंबर।
  • आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।

इस योजना के संबंध में अधिक जानकारी कहां से प्राप्त की जा सकती है? (Where one can get more information about this scheme?)

दोस्तों, यदि आप उत्तराखंड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो उसके लिए आप योजना के नोडल विभाग महिला अधिकारिता एवं बाल विकास विभाग के हेल्पलाइन नंबर (Helpline number) 0135-2775814 पर संपर्क कर सकते हैं। मित्रों, यदि आप चाहें तो

उत्तराखण्ड मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के नोडल विभाग (nodal department) के ई-मेल (e-mail) एड्रेस [email protected] पर एक मेल भेज कर भी योजना के संबंध में अधिक जानकारी हासिल कर सकते हैं। या इस संबंध में अपने सुझाव (suggestions) प्रेषित कर सकते हैं।

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