अटल सेतु कहां बना है? इसकी क्या खासियत है? – Atal Setu, India’s longest sea bridge, inaugurated

अटल सेतु कहां बना है? इस पर कितने हजार करोड़ की लागत आई है? इसकी क्या खासियत है?

विकास की दृष्टि से विकसित देशों से कई वर्ष पीछे चल रहे हमारे देश में अब पुलों, इमारतों, सड़कों का जाल सा बिछ रहा है। इसी कड़ी में अटल सेतु का लोकार्पण किया गया है। सरकार द्वारा इसके देश के सबसे लंबे पुल होने का दावा किया गया है। क्या आप जानते हैं कि अटल सेतु कहां बना है? इस पर कितने हजार करोड़ की लागत आई है? इसकी क्या खासियत है? यदि नहीं तो भी कोई बात नहीं। आज हम आपको अटल सेतु के संबंध में आपके मन में उठ रहे प्रत्येक सवाल का जवाब देंगे।

अटल सेतु कहां बना है? (Where Atal Setu has been built?)

दोस्तों, आपको बता दें कि अटल सेतु मुंबई (Mumbai) में बना है। इसका पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु रखा गया है। अरब सागर (Arabian Sea) में ठाणे क्रीक पर बना यह ट्विन कैरिजवे मुंबई जिले में स्थित सेवरी को रायगढ़ जिले में न्हावा शेवा से जोड़ता है। आपको बता दें दोस्तों कि यह देश का सबसे लंबा पुल है।

यह मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Mumbai international airport) एवं नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Navi Mumbai international airport) को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस पुल के जरिए मुंबई एवं नवी मुंबई के बीच की दूरी महज 20 मिनट में तय करना संभव हो सकेगा। वर्तमान में यह दूरी तय करने में करीब 2 घंटे लग जाते हैं। दोस्तों, इसके अतिरिक्त यह पुल मुंबई से पुणे (Pune), गोवा (Goa) एवं दक्षिण भारत (South India) के सफर में लगने वाले समय को भी कम कर देगा। इस पुल के जरिए मुंबई बंदरगाह एवं जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह के बीच भी कनेक्टिविटी (connectivity) में सुधार आएगा।

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पूर्व में अटल सेतु का नाम क्या था? इसके निर्माण में कितना समय लगा? (What Atal Setu was called earlier? It took how much time to build Atal Setu?)

दोस्तों, आपको बता दें कि पूर्व में इस सेतु परियोजना का नाम मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (Mumbai trans harbour link) यानी एमटीएचएल (MTHL) था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज से करीब आठ वर्ष पूर्व दिसंबर, 2016 में इस पुल का शिलान्यास किया गया था। इसके पश्चात सन् 2018 से इस प्रोजेक्ट पर रात दिन काम किया गया।

कुल 5,403 मजदूर एवं इंजीनियर पुल के कार्य में रोजाना जुटे। यहां तक कि इस दौरान सात मजदूरों को अपनी जान से हाथ तक धोना पड़ा नहीं। लेकिन आखिरकार पुल बनकर तैयार हो गया। दोस्तों, आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (prime minister Narendra Modi) द्वारा 12 जनवरी, 2024 को इस पुल का लोकार्पण किया गया।

पहली बार इस पुल के बारे में कब विचार किया गया? (When did the first thought of this bridge come ?)

दोस्तों, कोई 10-20 साल नहीं, बल्कि आज से करीब 62 वर्ष पूर्व सन् 1962 में पहली बार इस पुल के बारे में सोचा गया। ‘मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए सड़क प्रणाली की योजना’ नाम से इसका विचार किया गया था। इसके ठीक 34 वर्ष पश्चात सन् 1994 में इस प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता यानी फिजीबिलिटी (feasibility) पर रिपोर्ट (report) तैयार की गई।

इसके करीब 12 वर्ष पश्चात सन् 2006 में निविदाओं (tenders) को आमंत्रित किया गया। इसके बाद करीब 10 साल यह मामला ठंडा बस्ते में पड़ा रहा। सन् 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस पुल के शिलान्यास के पश्चात आखिर अप्रैल, सन् 2018 में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया।

अटल सेतु के निर्माण पर कितने हजार करोड़ की लागत आई है? (Atal Setu bears how many thousand crores cost?)

दोस्तों, आपको बता दें कि अटल सेतु पर कुल 17,840 करोड़ रुपए की लागत आई है। पुल के निर्माण पर यह खर्च उसकी अनुमानित लागत से बहुत अधिक है। जी हां दोस्तों, इस पुल की मूल लागत 14,712.70 करोड़ रुपए थी। लेकिन उसी बीच कोविड (COVID- 19) यानी कोरोना महामारी फैल गई। इसकी वजह से पूरे देश में लॉकडाउन (lockdown) लग गया। इसका असर पुल निर्माण पर भी पड़ा। जिसकी वजह से पुल निर्माण में देरी हुई। पुल पर आने वाली लागत में भी आशातीत वृद्धि हो गई।

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अटल सेतु की मुख्य विशेषताएं क्या-क्या हैं? (What are the main features of Atal Setu?)

दोस्तों, आइए अब अटल सेतु की मुख्य विशेषताओं पर एक नजर डाल लेते हैं, जो कि इस प्रकार से हैं-

  • अटल सेतु देश का सबसे लंबा पुल है।
  • इस पुल को 6 लेन का बनाया गया है। इसकी लंबाई करीब 21.8 किलोमीटर है।
  • यह पुल करीब 16.5 किलोमीटर समुद्र के ऊपर एवं लगभग 5.5 किलोमीटर जमीन पर बना है।
  • इस पुल पर से प्रतिदिन लगभग 70,000 वाहन (vehicles) गुजरेंगे।
  • यह पुल करीब 100 वर्ष चलता रहेगा।
  • इस पुल को बनाने में करीब 1,77,903 मीट्रिक टन स्टील (steel) एवं 5,04,253 मीट्रिक टन सीमेंट (cement) का इस्तेमाल किया गया है।
  • मानसून के समय हाई वेलोसिटी (high velocity) वाली हवाओं का सामना करने के लिए इस पर विशेष लाइटिंग पोल (special lighting pole) डिजाइन किए गए हैं।
  • बिजली से होने वाली संभावित क्षति से बचाने के लिए पुल पर लाइटिंग प्रोटेक्शन सिस्टम (lighting protection system) भी लगाया गया है।
  • अटल सेतु पर करीब 400 कैमरे लगाए गए हैं।
  • इस पर ट्रैफिक के दबाव (traffic pressure) संबधी जानकारी जुटाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence) आधारित सेंसर (sensors) भी लगाए गए हैं।
  • पुल का कुछ हिस्सा फ्लेमिंगो प्रोटेक्टेड एरिया (flemingo protected area) और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (Bhabha atomic research centre) से होकर गुजरता है। ऐसे में इस पर सेवरी से करीब 8.5 किलोमीटर लंबा नॉइज बैरियर (noise barrier) भी स्थापित किया गया है।

अटल सेतु पर कितनी स्पीड से गाड़ी दौड़ाई जाए सकेगी? (How much speed limit of vehicles will be permissible on Atal Setu?)

दोस्तों, आपको यह लगता है कि आप अगर सेतु पर 150-200 की स्पीड से गाड़ी दौड़ा सकेंगे तो आप पूरी तरह गलत हैं। जी हां, दोस्तों। अटल सेतु पर वाहन चलाने के लिए एक स्पीड लिमिट (speed limit) तय की गई है। अटल सेतु पर वाहन चालक अधिकतम (maximum) 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ही गाड़ी दौड़ा सकेंगे। इस पुल के चालू हो जाने के बाद वे करीब ₹500 रोज ईंधन खर्च बचा सकेंगे।

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अटल सेतु पर किन वाहनों को चलने की इजाजत नहीं होगी? (Which vehicles will not be allowed on Atal Setu?)

दोस्तों, बेशक अटल सेतु (Atal Setu) को आम जनता के लिए खोल दिया गया है, लेकिन इस समुद्री पुल पर बाइकों (bikes) के साथ ही ऑटो रिक्शा auto (rickshaw) एवं ट्रैक्टर (tractor) आदि को चलने की अनुमति नहीं होगी। इस पुल पर कार, एलसीवी/मिनी बस, टू एक्सेल बस, एमवी आदि वाहन चल सकेंगे।

कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि इस पुल पर मुख्य रूप से कार जैसे चौपहिए ही रफ़्तार भरते दिखेंगे। दोस्तों, यहां आपको यह भी बता दें कि कारों की सिंगल जर्नी के लिए 250 रुपए बतौर टोल देने होंगे। रिटर्न जर्नी पर कुल 375 रुपए चुकाने होंगे। डेली पास 625 रुपए में बनेगा, जबकि महीने भर का पास बनवाने के लिए 12,500 रुपए एकमुश्त चुकाने होंगे।

दुनिया का सबसे लंबा पुल कहां स्थित है? (Where the longest bridge of world is situated?)

दोस्तों, अटल सेतु की चर्चा के बीच आइए यह भी जान लेते हैं कि दुनिया का सबसे लंबा पुल कहां स्थित है? आपको बता दे कि चीन में स्थित दैन्यांग-कुनशान ग्रांड पुल दुनिया का सबसे लंबा पुल है। दोस्तों, यह पुल पूर्वी चीन के जियांग्सु प्रांत स्थित शंघाई-नानजिंग के मध्य रेल लाइन (rail line) पर बना है। विशेष बात यह है कि यह पुल करीब 8 से 80 किलोमीटर तक यांग्त्ज़ी नदी के समानांतर चलता है।

Who built the Atal Setu Bridge?

The bridge is constructed by the Border Roads Organization, IRCON, Infinity, and SP Singla Constructions Pvt Limited.

In which state is Atal Setu located?

Atal Setu is a 592-metre (1,942 ft) cable-stayed bridge on the Ravi River near Basholi Town, District Kathua, commissioned on 24 December 2015 by former Defence Minister Manohar Parrikkar.

What is the history of the Atal Setu Bridge?

Also known as the Mumbai Trans Harbour Link (MTHL), Atal Setu is India’s longest sea bridge and was inaugurated by Prime Minister Narendra Modi on January 12. Soon after its inauguration, people were seen stopping their vehicles on Atal Setu to take selfies and enjoy the sea view.

Why is Atal Bridge famous?

The bridge is said to provide faster connectivity to Mumbai International Airport and Navi Mumbai International Airport and also reduce travel time from Mumbai to Pune, Goa, and South India. It will also improve connectivity between Mumbai Port and Jawaharlal Nehru Port.

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